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जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से बसपा का गठबंधन साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव

मायावती और अजीत जोगी एक साथ मिलकर लड़ेंगे 2018 का चुनाव

राजनीति:जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से बसपा का गठबंधन साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव ,एनडीए के खिलाफ विपक्षी पार्टियों को एकजुट करने में जुटी कांग्रेस को गुरुवार को झटका लगा। बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस के साथ गठबंधन और मध्य प्रदेश में अकेले सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दीं।

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बसपा 35 और जनता कांग्रेस पार्टी 55 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि अगर हम चुनाव जीतते हैं तो अजीत जोगी मुख्यमंत्री बनेंगे. बता दें कि छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस से निष्कासित किए जाने के बाद अपनी पार्टी का गठन किया था. मायावती ने कहा कि गठबंधन को लेकर उनकी राय स्पष्ट है कि उनकी पार्टी किसी भी दल के साथ तभी गठबंधन करेगी, जब उसे समझौते के तहत सम्माजनक संख्या में सीटें मिलें. साथ ही उसकी सोच बसपा की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की सोच से भी मेल खाती हो l

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से बसपा का गठबंधन साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने इन दोनों बातों पर गंभीरता से गौर करने के बाद छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के साथ गठबंधन करने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए दोनों पार्टियां संगठित चुनाव अभियान चलाएंगी, जिसकी रूपरेखा जल्द ही तैयार कर ली जाएगी. कुछ ही दिनों में वहां दोनों पार्टियों की संयुक्त रैली होगी.

बसपा प्रमुख ने एक सवाल पर कहा कि उनकी पार्टी तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ही भाजपा को छत्तीसगढ़ में रोकने में सक्षम है, लेकिन अगर कुछ और क्षेत्रीय पार्टियां हमारे साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहेंगी, तो हम उनका भी सहयोग लेंगे. मायावती ने कहा कि जहां तक छत्तीसगढ़ का सवाल है तो वहां पिछले 15 साल से भाजपा की सरकार है. वहां उसने दलितों, गरीबों और आदिवासियों के लिए कोरी घोषणाओं के सिवा और कोई काम नहीं किया है. उनका तथा अजीत जोगी दोनों का ही मानना है कि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की उपेक्षा को दूर करने के लिए एक मजबूत क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और नेतृत्व की आवश्यकता है,

कांग्रेस ने कहा, भाजपा के इशारे पर डील: कांग्रेस ने इसे भाजपा के इशारे पर हुई डील करार देते हुए चुनाव में किसी तरह के नुकसान से इनकार किया है।  पार्टी के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि बसपा के साथ गठबंधन पर चर्चा हुई थी लेकिन बसपा ने अजीत जोगी के साथ जाने का फैसला किया है। पुनिया का आरोप है कि पूरी डील भाजपा के इशारे पर हुई है।

बसपा ने दबाव बढ़ाया: कांग्रेस भले ही राजनीतिक नुकसान से इनकार कर रही हो, पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के कई नेता मानते हैं कि इससे माहौल पर असर पड़ा है। वहीं, मध्य प्रदेश में पार्टी अभी बसपा के रुख को तौल रही है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि बसपा ने कुछ सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दबाव बढ़ा दिया है। उधर, राजस्थान में भी कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाएं लगभग खत्म होती दिख रही हैं।

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से बसपा का गठबंधन साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव

एमपी में बसपा प्रत्याशी घोषित

बसपा ने मध्य प्रदेश की सभी 230 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। मध्यप्रदेश बसपा प्रभारी राम अचल राजभर ने बताया, 22 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी गई है, इनमें तीन विधायकों के नाम शामिल हैं। वर्तमान में बसपा के चार विधायक हैं। मुरैना के विधायक का नाम सूची में नहीं है।

बता दें कि अजीत जोगी को कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया था जिसके बाद उन्होंने अपनी पार्टी बना ली थी. इस मौके पर अजीत जोगी ने कहा कि बीजेपी बीते 15 सालों से सत्ता संभाल रही है लेकिन उसने हर चीज का दुरुपयोग किया है. इसलिए हम और मायावती मिलकर बीजेपी को रोकेंगे बता दें कि छत्तीसगढ़ में इस साल के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसके लिए राजनीतिक पार्टियां ऐड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं. बीजेपी की तरफ से रमन सिंह मैदान में हैं वहीं कांग्रेस ने अपने सीएम उम्मीदवार का ऐलान नहीं किया है.

कांग्रेस को नुकसान की आशंका
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मध्य प्रदेश में बसपा अकेले चुनाव लड़ती है तो भले ही पिछली बार की तरह सिर्फ चार सीट जीत पाए, पर कम से कम दो दर्जन सीट पर पार्टी को नुकसान पहुंचाएगी।

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CGkesari Staff

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