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पूर्व कलेक्टर आेपी चौधरी के भाजपा से जुड़ने पर कांग्रेस का हमला

रायपुर.के पूर्व कलेक्टर आेपी चौधरी के भाजपा ज्वाइन करते ही उन पर राजनीतिक हमले शुरु हो गए हैं। इसकी शुरुआत कांग्रेस के नेताओ ने कर दी है। नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने कहा कि संवेदनशील पदों जैसे ज्युडिशियरी, डिफेंस आैर प्रशासनिक पदों पर काम करने वाले नेताआें के चुनाव लड़ने पर रोक लगना चाहिए और उन्हें लगभग कुछ साल राजनीती को समझने के लिए पार्टी के कार्यकर्त्ता के रूप में कार्य करना चाहिए ।

पूर्व कलेक्टर आेपी चौधरी के भाजपा से जुड़ने पर कांग्रेस का हमला

 

पूर्व कलेक्टर आेपी चौधरी के भाजपा से जुड़ने पर कांग्रेस का हमला ,नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने  इसके लिए देश में एक विषेश कानून बनाने की भी मांग की। सिंहदेव ने कहा कि इन पदों में रहने वालों को राजनीति में आने के दो साल बाद चुनाव लड़ने की अनुमति देनी चाहिए। सिंहदेव ने कहा- आज इस्तीफा देकर कल चुनाव लड़ने की तैयारी इस बात को दर्शाता है कि आप पहले से ही उस दल की विचारधारा से प्रभावित रहे आैर इतने दिनों तक जो काम कर रहे थे वहां आप निष्पक्ष रुप से काम करने की बजाय एक विचारधारा को लेकर काम कर रहे थे। इससे इसकी संभावना बहुत अधिक है कि वहां आपके निर्णय निष्पक्ष नहीं थे। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि संवैधानिक व्यवस्था में कोई भी चुनाव लड़ सकता है। यह आेपी चौधरी का व्यक्तिगत मामला है।

सूत्रों के हवाले से यह भी खबर आ रही है की आेपी चौधरी के चुनाव लड़ने से भाजपा के खरसिया सीट पर दावेदारी मजबूत होने से कांग्रेस के 40 वर्षीय एतेहासिक जीत में इस वर्ष लगाम लगने वाली है | ऐसा मन जा रहा है की दोनों राजनीतिक पार्टिया इस सीट के लिए जोर लगते दिख रही है |

फेसबुक के सहरे भी पूर्व कलेक्टर आेपी चौधरी के भाजपा ज्वाइन करने पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तरफ से काफी तीखी प्रतिक्रिया देखने मिल रही है |

पूर्व कलेक्टर आेपी चौधरी के भाजपा से जुड़ने पर कांग्रेस का हमला

खरसिया या चंद्रपुर सीट से हो सकते हैं बीजेपी के उम्मीदवार ओपी चौधरी के अब  बीजेपी प्रवेश के बाद राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी  तेज हो गईं हैं कि उनका चुनावी राजनीति का सफर कहां से शुरू होगा? ओपी खरसिया के करीब बायंग गांव के निवासी हैं। वहां न केवल उनका बचपन बीता है, बल्कि पढ़ाई-लिखाई भी इसी गांव से हुई है। यह उसका प्रभुत्व वाला इलाका माना जाता है। ऐसे में संभावनाएं इस बात को लेकर प्रबल है कि ओमप्रकाश चौधरी खरसिया में बीजेपी के चेहरे हो सकते हैं।

परन्तु अटकले यह है की खरसिया विधानसभा सीट हमेसा से कांग्रेस का गढ़ रही है। पहले कांग्रेस के भावी नेता नंदकुमार पटेल इस सीट से चुनाव जीतते रहे हैं, उनके निधन के बाद उनके बेटे उमेश पटेल ने कांग्रेस की टिकट से यहां से चुनाव जीता था.वैसे  चर्चा में चौधरी का नाम जूदेव के गढ़ वाले चंद्रपुर से भी लिया जा रहा है। जहां से युध्दवीर सिंह जूदेव लगातार दो बार से विधायक हैं।

  • ओमप्रकाश चौधरी के इस्तीफे को लेकर और भाजपा का दामन थमने पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद छाया वर्मा  ने कहा की  सभी आईएएस अफसरों को बीजेपी में शामिल होकर अपने को आजमा लेना चाहिए कि वे कांग्रेस के सामने कहां टिकते हैं।
  • मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व का प्रदेश के भाजपा नेताओंं पर से विश्वास उठ गया है इसीलिए वे दागदार चेहरों का विकल्प नौकरशाहों में तलाश रहे हैं।
  • शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेताआें पर कई दाग लग चुके हैं जो चौधरी रूपी क्रीमों से साफ नहीं होने वाले।
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CGkesari Staff

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